यूक्रेन को सैन्य और आर्थिक सहायता बंद करने का अमेरिका का ऐलान
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अमेरिका ने बड़ा फैसला लेते हुए यूक्रेन को दी जाने वाली सभी सैन्य और आर्थिक सहायता बंद करने की घोषणा कर दी है. व्हाइट हाउस में हुए बवाल के बाद, अमेरिका ने ऐलान कर दिया कि अब यूक्रेन को और मदद नहीं दी जाएगी. शुक्रवार को जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात की थी. इस दौरान दोनों नेताओं खूब तीखी बहस हुई. ये बहस इतनी बढ़ गई थी कि ट्रंप को आखिरकार ये कहना पड़ गया कि आज से आपके बुरे दिन शुरू. वहीं, जेलेंस्की के जाने के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि जब आप शांति के लिए तैयार हो जाए तब वापस आइएगा.
इसी बीच शनिवार को व्हाइट हाउस ने ऐलान कर दिया कि अब वो इस युद्द में यूक्रेन को किसी भी तरह की मदद नहीं करेगा. यूक्रेन को अमेरिका से मिलने वाली मदद में हथियारों, गोला-बारूद और वित्तीय सहायता शामिल थी. इस कटौती से यूक्रेन की युद्धक्षमता पर गहरा असर पड़ सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से रूस को बढ़त मिल सकती है.
खनिज डील जेलेंस्की की ना
दोनों नेताओं की मुलाकात यूक्रेन में मौजूद खनिज भंडार को लेकर हुई थी. इस डील में था कि खनिज भंडार के बदले अमेरिका यूक्रेन को सैन्य और आर्थिक सहायता देता रहेगा. लेकिन खनिज भंडार को लेकर जेलेंस्की ने मना कर दिया और अमेरिकी राष्ट्रपति से तीखी बहस कर ली. इसके बाद अमेरिका के व्हाइट हाउस से ऐलान कर दिया गया कि यूक्रेन को अब मदद नहीं दी जाएगी. ऐसे में यूक्रेन के पास अब सिर्फ और सिर्फ यूरोपीय देशों का ही सहारा है.
यूएन से भी मदद हो जाएगी कम
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच बात होने से पहले ही संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने कई यूक्रेनी क्षेत्रों में वित्तीय सहायता कार्यक्रमों को निलंबित कर दिया. यूएन महासचिव गुटेरेस ने कहा कि अमेरिका से समर्थन में कमी के कारण वित्तीय सहायता कार्यक्रमों को निलंबित किया गया है. बता दें, ट्रंप ने पहले ही कहा था कि अब अमेरिका ज्यादा फंडिग नहीं करेगा. इसको लेकर यूएन महासचिव गुटेरस ने अमेरिकी सरकार से अपने आदेश पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था. हालांकि, व्हाइट हाउस में हुए बवाल के बाद अब तो मामला और बिगड़ गया है.
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