झमाझम बारिश से गिरी तापमान की पारा, मौसम हुआ सुहाना
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून ने विदाई से पहले एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। शुक्रवार को बिलासपुर सहित कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली और दोपहर बाद घने बादलों के साथ झमाझम वर्षा शुरू हो गई। तेज हवाओं और गरज-चमक के बीच हुई इस बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया और जनजीवन प्रभावित हुआ। राहत की बात यह रही कि बारिश थमने के बाद जलभराव तेजी से निकल गया।
मौसम विभाग ने पहले ही अनुमान जताया था कि 26 और 27 सितंबर को प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां तेज होंगी। शुक्रवार को हुई बारिश ने इस पूर्वानुमान को सही साबित किया। बिलासपुर शहर में अचानक बारिश होने से तोरवा, विनोबा नगर, सिरगिट्टी और बस स्टैंड जैसे क्षेत्रों में पानी भर गया।
अलर्ट और पूर्वानुमान
27 सितंबर: रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग में मध्यम से भारी वर्षा का अलर्ट। कई जिलों में गरज-चमक और वज्रपात की संभावना।
28 सितंबर: वर्षा की तीव्रता बनी रहेगी, कई हिस्सों में तेज बारिश की आशंका।
29 सितंबर: मौसम सामान्य होने लगेगा।
30 सितंबर: कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी संभव।
असर जनजीवन पर
अचानक हुई बरसात से दफ्तर और बाजार लौटते समय लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। कुछ देर के लिए शहर की सड़कों पर जाम की स्थिति बन गई। रिक्शा और ऑटो चालकों की आमदनी बढ़ी, लेकिन दुकानों के बाहर पानी भरने से कारोबार प्रभावित हुआ। कई इलाकों में बिजली बंद होने से दिक्कतें बढ़ गईं।
दुर्गा पूजा तैयारियां प्रभावित
नवरात्र की पंचमी तिथि पर दुर्गा पंडालों की तैयारियां जोरों पर थीं, लेकिन अचानक हुई बारिश ने आयोजनकर्ताओं की चिंता बढ़ा दी। कई जगह पंडाल निर्माण का काम रुका और बिजली कटने से सजावट भी प्रभावित हुई। आयोजकों को आशंका है कि आने वाले दिनों में लगातार हुई बारिश से पूजा की तैयारियों पर असर पड़ सकता है।
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