डिजिटल धोखाधड़ी मामले में अदालत का बड़ा आदेश, कहा- आरबीआई की एसओपी पूरे भारत में लागू करे सरकार
नई दिल्ली। देश में तेजी से बढ़ते डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने बेहद सख्त टिप्पणी करते हुए इसे डकैती या लूट करार दिया है। अदालत ने कहा कि अब तक 54,000 करोड़ से अधिक की राशि साइबर ठगी के जरिए निकाली जा चुकी है, जो बेहद गंभीर स्थिति को दर्शाता है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा तैयार किए गए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) को पूरे देश में औपचारिक रूप से लागू किया जाए, ताकि डिजिटल फ्रॉड पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में बैंकों की लापरवाही या अधिकारियों की मिलीभगत की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने आरबीआई और बैंकों से कहा कि वे ऐसे मामलों में समय पर और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। सुनवाई के दौरान अदालत ने बताया कि आरबीआई ने पहले ही एक एसओपी तैयार किया है, जिसके तहत साइबर फ्रॉड की आशंका होने पर अस्थायी रूप से डेबिट कार्ड को होल्ड पर डालने जैसी त्वरित कार्रवाई का प्रावधान है। इसका उद्देश्य धोखाधड़ी से होने वाले नुकसान को तुरंत रोकना है।
मघड़ा शीतला मंदिर हादसा: 20 लोगों पर मामला दर्ज, चार पुजारी गिरफ्तार
10वीं-12वीं बोर्ड रिजल्ट जल्द, अप्रैल-मई में आने की संभावना
भोपाल में शराब दुकानों की शिफ्टिंग पर बवाल, लोगों ने जताया विरोध
राघव चड्ढा हटे राज्यसभा डिप्टी लीडर पद से, अशोक मित्तल होंगे नए डिप्टी लीडर
CM मोहन यादव का किसानों के लिए बड़ा ऐलान: कंबाइन हार्वेस्टर हुआ टोल फ्री