राम मंदिर चढ़ावे चोरी में एसआईटी को मिले अहम सबूत, चंपत राय शक के दायरे में
अयोध्या। अयोध्या में स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी की जांच कर रही एसआईटी को अहम सबूत मिले हैं। एसआईटी रविवार या सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप सकती है। इस पूरे मामले में एसआईटी ने अनिल मिश्रा और गोपाल राव की भूमिका संदिग्ध पाई है। एसआईटी को सीसीटीवी फुटेज से रकम पार किए जाने के साक्ष्य मिले हैं। कुछ सीसीटीवी फुटेज डिलीट किए जाने का भी शक है। एसआईटी ने लापरवाही और साजिश इन दोनों पहलुओं की जांच की है। दान राशि की गणना प्रक्रिया की निगरानी तंत्र पूरी तरह फेल हो गई है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक टिन्नू यादव, कुछ गरणाकर्मी और बैंक कर्मियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो सकती है। ट्रस्ट के पदाधिकारी के अयोध्या छोड़ने पर एसआईटी ने रोक लगा दी है। एसआईटी ने ट्रस्ट के पदाधिकारी अनिल मिश्रा और निर्माण सहायक गोपाल राव की भूमिका को संदिग्ध बताया है। महासचिव चंपत राय भी सवालों के घेरे में हैं। एसआईटी ने छह दिनों में करीब 150 लोगों से पूछताछ की है। ट्रस्ट के तीन पदाधिकारियों समेत प्रबंधन के 20-25 लोगों की लापरवाही या संलिप्तता सामने आई है। 6 कर्मचारी एसबीआई के और टीसीएस के 6 कर्मियों से पूछताछ हुई।
एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन में बड़े बदलाव हो सकते हैं। इसके अलावा एसआइटी नए सिरे से ट्रस्ट का गठन करने, पारदर्शिता के लिए काशी विश्वनाथ की तर्ज पर कार्यपालक अधिकारी की नियुक्ति, ट्रस्ट के सरकारी पदेन तीन सदस्यों को चढ़ावे की गणना की जिम्मेदारी बढ़ाई जाने, तय समय में चढ़ावे का ऑडिट कराए जाने और उसकी रिपोर्ट शासन को देने, कर्मचारियों की भर्ती को पारदर्शिता बनाए जाने, सिफारिश के आधार पर भर्ती ना करने, बैंक गणना कार्यों में अपने नियमित कर्मचारियों को लगाने और निगरानी तंत्र को और मजबूत करने का सुझाव दे सकती है।
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