मामा के लाखों रुपये लेकर निकला भांजा, दोस्तों संग मिलकर रच डाली लूट की साजिश
गाजियाबाद। अपने ही सगे मामा के साथ कबाड़ का कारोबार करने वाले एक 19 वर्षीय भांजे ने दोस्तों के साथ ऐश-ओ-आराम और मौज-मस्ती करने के लिए लाखों रुपये हड़पने की एक खौफनाक साजिश रच डाली। मामा के भरोसे का फायदा उठाकर भांजे ने न केवल व्यापार के 2.25 लाख रुपये डकारे, बल्कि वारदात को छुपाने के लिए बाकायदा एक नकली लूटपाट का क्राइम सीन भी क्रिएट कर दिया। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी और कड़ाई से की गई पूछताछ के आगे उसकी यह चालाकी ज्यादा देर टिक नहीं सकी और पूरी साजिश का भंडाफोड़ हो गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी भांजे समेत उसके दो दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया है।
रुपये लेकर मेरठ निकलने के दौरान रची साजिश
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मेरठ के लोहियानगर थाना क्षेत्र के अहमदनगर में रहने वाले रिजवान ने मसूरी थाने में इस धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिजवान अपने बिजनेस पार्टनर दानिश (निवासी पिलखुआ) के साथ मिलकर यूपीएसआईडीसी फेस-प्रथम में काम करते हैं। रविवार को रिजवान ने अपने भांजे नवेद (19, निवासी पिलखुआ, हापुड़) को फोन कर दानिश के घर से 2.25 लाख रुपये कलेक्ट कर मेरठ लाने को कहा था। नवेद रकम लेकर बाइक से निकला, लेकिन रास्ते में ही उसके मन में लालच आ गया और उसने अपने तीन दोस्तों को फोन कर मसूरी अंडर पास बांके बिहारी डेंटल कॉलेज के पास बुला लिया।
बयान बदलने पर गहराया पुलिस का शक
नवेद ने तयशुदा योजना के तहत रकम अपने दोस्तों को सौंप दी और फिर खुद ही पुलिस चौकी पहुंचकर और अपने मामा को कॉल कर यह झूठी सूचना दी कि बाइक सवार तीन अज्ञात बदमाशों ने उसके साथ लूटपाट की है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई और जब पीड़ित बनकर बैठे नवेद से पूछताछ शुरू की, तो वह बार-बार अपने बयानों से पलटने लगा। उसकी घबराहट और विरोधाभासी बातों को देखकर पुलिस का शक गहरा गया। जब पुलिस ने मनोवैज्ञानिक और कड़े तरीके से पूछताछ की, तो नवेद टूट गया और उसने कबूल किया कि यह पूरी लूटपाट महज एक नाटक थी, जिसे उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर अंजाम दिया था।
एक हजार रुपये की बीयर पीकर मनाई पार्टी
पुलिस जांच में सामने आया कि मामा का फोन आने के वक्त नवेद अपने दोस्तों के साथ ही था। उसने रुपयों की बात सुनते ही तुरंत पिलखुआ में अपने गिरोह को इकट्ठा किया। वे दो बाइकों पर सवार होकर मसूरी अंडरपास पहुंचे, जहां नवेद ने पूरी रकम दोस्तों को दे दी। इसके बाद चारों ने देर रात एक हजार रुपये की बीयर खरीदकर पार्टी मनाई और बचे हुए पैसों को 56-56 हजार रुपये के हिसाब से आपस में बराबर-बराबर बांट लिया।
तीन आरोपी गिरफ्तार, एक अब भी फरार
गाजियाबाद की मसूरी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य साजिशकर्ता नवेद, उसके दोस्त शादाब अल्वी (24) और फुरकान (23) (दोनों निवासी सद्दीकपुरा, पिलखुआ, हापुड़) को दबोच लिया है। इनके पास से पुलिस ने ₹1.67 लाख की नकदी और घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। हालांकि, इनका चौथा साथी शोएब अपने हिस्से के 56 हजार रुपये लेकर फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस की टीमें फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं और पकड़े गए तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
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