उज्जैन सिंहस्थ 2028 की बड़ी तैयारी, 11 मंदिरों के विस्तार के साथ आएगा ‘टेंपल बॉन्ड’
उज्जैन। मध्य प्रदेश सरकार आगामी सिंहस्थ-2028 की भव्य तैयारियों के मद्देनजर धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार उज्जैन और आगर-मालवा के 11 प्रमुख मंदिरों के कायाकल्प की योजना तैयार कर चुकी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत मंदिरों के जीर्णोद्धार और श्रद्धालुओं के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं के विस्तार पर कुल 1,100 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। सरकार इस ऐतिहासिक कार्य के लिए देश में पहली बार 'टेंपल बॉन्ड' जारी करने की अनूठी पहल करने जा रही है।
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे मंदिर परिसर
राज्य स्तरीय तकनीकी समिति (एसएलटीसी) की हालिया बैठक में मंदिरों के विस्तार और 'टेंपल बॉन्ड' जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। योजना के अनुसार, इन मंदिरों में पार्किंग, पेयजल व्यवस्था, यात्री सुविधा केंद्र, बेहतर सड़क संपर्क, लाइटिंग और हाई-टेक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इस विकास कार्य से न केवल दर्शन सुगम होंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर होटल व्यवसाय, परिवहन और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
बॉन्ड के माध्यम से जुटाई जाएगी बड़ी राशि
परियोजना के लिए आवश्यक 1,100 करोड़ रुपये के बजट हेतु सरकार ने एक सुव्यवस्थित वित्तीय खाका तैयार किया है। इसके अंतर्गत 'टेंपल बॉन्ड' के माध्यम से 200 करोड़ रुपये की राशि जुटाई जाएगी, जिसकी परिपक्वता अवधि 10 वर्ष होगी। इसके साथ ही, अर्बन चैलेंज फंड से 275 करोड़ रुपये का योगदान प्राप्त होगा, जबकि शेष धनराशि के लिए बैंकों से ऋण लिया जाएगा। वित्तीय स्रोतों का यह संतुलित मिश्रण परियोजना के निर्बाध क्रियान्वयन में सहायक सिद्ध होगा।
चिह्नित मंदिरों का होगा कायाकल्प
इस विकास योजना के अंतर्गत उज्जैन और आगर-मालवा के 11 महत्वपूर्ण धर्मस्थलों को चयनित किया गया है। इनमें कालभैरव मंदिर, मंगलनाथ मंदिर, सांदीपनी आश्रम, नवग्रह मंदिर, 84 महादेव मंदिर परिसर, अंगारेश्वर महादेव मंदिर, भूखी माता मंदिर, गढ़कालिका मंदिर, सिद्धवट मंदिर और आगर जिले के नलखेड़ा स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर शामिल हैं। इन मंदिरों के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को संरक्षित करते हुए इनका आधुनिक स्वरूप विकसित किया जाएगा, ताकि सिंहस्थ के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय अनुभव प्राप्त हो सके।
बारिश ने रोकी गुवाहाटी की रफ्तार, कई इलाकों में जलभराव से परेशानी
PF खाताधारकों के लिए बड़ी राहत, EPFO ने ट्रांसफर किया ब्याज; जानें बैलेंस चेक करने का तरीका
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव, क्या कच्चे तेल की राजनीति है असली कारण?
'वायुसेना लगाना समाधान नहीं', NEET विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दिखाया आईना
भारत-जिम्बाब्वे दूसरा टी20 मैच, टाइमिंग से लेकर लाइव टेलीकास्ट तक सब कुछ जानें