वाराणसी-मुंबई सुपरफास्ट को निशाना बनाने की कोशिश, इमरजेंसी ब्रेक से बची सैकड़ों यात्रियों की जान
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के संगम नगरी प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मंगलवार की रात एक बड़ी और दिल दहला देने वाली साजिश को अंजाम देने का प्रयास किया गया। वाराणसी से खुलकर मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) तक जाने वाली महत्वपूर्ण सुपरफास्ट एक्सप्रेस को पटरी से उतारकर पलटाने की घिनौनी कोशिश की गई। हालांकि, लोको पायलट (चालक) की असाधारण सूझबूझ, तत्परता और समय पर ब्रेक लगाने के कौशल के कारण सैकड़ों यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई और एक बड़ा भीषण रेल हादसा टल गया। इस सनसनीखेज घटना के बाद से रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और पटरियों की चौकसी पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
इरादतगंज-लिंक जंक्शन के बीच ट्रैक पर रखा गया था पंद्रह फीट लंबा लोहे का रॉड
यह खतरनाक घटना मंगलवार की रात करीब पौने नौ बजे इरादतगंज और लिंक जंक्शन के बीच रेलवे किलोमीटर संख्या 1344/46 के समीप घटी। असामाजिक तत्वों और अज्ञात शरारती व्यक्तियों द्वारा सुनियोजित तरीके से रेलवे ट्रैक के बीचों-बीच लगभग पंद्रह फीट लंबा एक भारी लोहे का रॉड रख दिया गया था। शातिर अपराधियों ने इस रॉड को ठीक उसी समय ट्रैक पर रखा, जब वाराणसी से आ रही सुपरफास्ट एक्सप्रेस के गुजरने का समय था। गनीमत यह रही कि ट्रेन के उस स्थान पर पहुंचने से कुछ ही पल पहले चालक की पैनी नजर ट्रैक पर पड़ गई, जिससे एक बड़ा अनर्थ टल गया।
चालक की सूझबूझ से थमी ट्रेन, छह मिनट तक मौके पर रुकी रही एक्सप्रेस
ट्रेन के लोको पायलट को जैसे ही पटरी पर किसी संदिग्ध खतरे का आभास हुआ, उन्होंने बिना एक पल भी गंवाए अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल इमरजेंसी ब्रेक (आपातकालीन ब्रेक) लगा दिए। चालक की इस मुस्तैदी से ट्रेन की रफ्तार कम होते-होते अंततः सुरक्षित रूप से पटरी पर ही रुक गई। इसके बाद ट्रेन लगभग छह मिनट तक उसी संदिग्ध स्थल पर खड़ी रही। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए रेलवे के तकनीकी कर्मचारियों ने तुरंत ट्रैक पर पहुंचकर उस भारी लोहे के रॉड को वहां से हटाया। ट्रैक को पूरी तरह सुरक्षित घोषित करने के बाद ही ट्रेन को आगे के गंतव्य के लिए रवाना किया गया। अपराधियों के इस कायराना और आपराधिक कृत्य से ट्रेन में सवार हजारों यात्रियों की जान को बेहद गंभीर खतरा पैदा हो गया था।
ट्रेन संख्या 12167 पर हमले की साजिश, जीआरपी और आरपीएफ की जांच शुरू
यह घटना ट्रेन संख्या 12167 (वाराणसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस) से जुड़ी है, जो नियमित रूप से वाराणसी से मुंबई के एलटीटी स्टेशन के बीच संचालित होती है। व्यस्त रेल मार्ग पर पटरियों के बीच इस तरह लोहे का भारी रॉड रखना अपने आप में एक बेहद गंभीर, सुनियोजित और आपराधिक कृत्य है। इस नापाक हरकत का साफ मकसद ट्रेन को दुर्घटनाग्रस्त कर पटरी से उतारना और बड़ी संख्या में रेल यात्रियों को भारी नुकसान पहुंचाना था। इस प्रकार की आपराधिक घटनाओं से देश में जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और गहनता से तफ्तीश शुरू कर दी है।
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