गुलाबी नमक या सेंधा नमक: सेहत के लिए कौन है बेहतर?
Pink Salt Or Himalayan Salt: आजकल बेहतर स्वास्थ्य के लिए लोग साधारण नमक की जगह गुलाबी नमक (हिमालयन पिंक सॉल्ट) और सेंधा नमक का उपयोग तेजी से करने लगे हैं। खासकर व्रत, डाइटिंग और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वाले लोग इन्हें ज्यादा पसंद करते हैं।सोशल मीडिया और फिटनेस ट्रेंड्स में भी इन नमकों को “हेल्दी ऑप्शन” बताया जाता है। लेकिन क्या वाकई गुलाबी नमक और सेंधा नमक सामान्य नमक से ज्यादा फायदेमंद हैं? और इन दोनों में से कौन सा आपके लिए बेहतर है? कई लोग इन दोनों को एक ही मान लेते हैं, जबकि इनके गुण और उपयोग में थोड़ा अंतर होता है।सही जानकारी के अभाव में लोग गलत चुनाव भी कर लेते हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि इन दोनों नमकों के पोषक तत्व, फायदे और नुकसान क्या हैं, ताकि आप अपनी सेहत के अनुसार सही विकल्प चुन सकें।
गुलाबी नमक और सेंधा नमक में क्या अंतर है?
सबसे पहले जान ले कि क्या होता है गुलाबी नमक?
गुलाबी नमक को हिमालयन पिंक सॉल्ट भी कहा जाता है। यह पाकिस्तान के हिमालय क्षेत्र से निकाला जाता है और इसमें आयरन, मैग्नीशियम जैसे कई ट्रेस मिनरल्स पाए जाते हैं, जो इसे गुलाबी रंग देते हैं।
अब जान लेते हैं क्या होता है सेंधा नमक?
सेंधा नमक (रॉक सॉल्ट) भारत में व्रत के दौरान इस्तेमाल किया जाता है। यह प्राकृतिक रूप से कम प्रोसेस्ड होता है और इसमें आयोडीन नहीं मिलाया जाता।
क्या है ज्यादा फायदेमंद?
1. मिनरल्स की मात्रा
गुलाबी नमक में ट्रेस मिनरल्स अधिक होते हैं, लेकिन उनकी मात्रा बहुत कम होती है, जिससे बड़ा स्वास्थ्य लाभ सीमित ही रहता है।
2. आयोडीन की कमी
दोनों नमकों में आयोडीन नहीं होता, जबकि आयोडीन शरीर के लिए जरूरी है। इसलिए रोजमर्रा के उपयोग में आयोडीन युक्त नमक भी जरूरी है।
3. व्रत और पाचन
सेंधा नमक व्रत में इसलिए उपयोग किया जाता है क्योंकि यह शुद्ध और हल्का माना जाता है, जिससे पाचन बेहतर रहता है।
4. ब्लड प्रेशर
दोनों में सोडियम होता है, इसलिए अधिक मात्रा में सेवन करने पर ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।
निष्कर्ष
गुलाबी नमक और सेंधा नमक दोनों ही प्राकृतिक विकल्प हैं, लेकिन इनमें से कोई भी “सुपरफूड” नहीं है। सीमित मात्रा में दोनों का सेवन ठीक है, लेकिन रोजमर्रा के लिए संतुलित मात्रा में आयोडीन युक्त नमक भी जरूरी है। इसलिए रोजाना इस्तेमाल के लिए हमेशा सादा सफेद नमक ही इस्तेमाल करें।
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