कब है षटतिला एकादशी और कालाष्टमी
माघ के महीने में गंगा स्नान करने का विधान है। इससे व्यक्ति को शुभ फल मिलता है। साथ ही जीवन में आ रहे दुख और संकट दूर होते हैं। जनवरी के चौथे सप्ताह की शुरुआत हो चुकी है। इस सप्ताह में कई व्रत और पर्व पड़ रहे हैं। जैसे- मासिक कालाष्टमी और षटतिला एकादशी समेत आदि।
सनातन शास्त्रों में इन सभी पर्व का विशेष महत्व देखने को मिलता है। षटतिला एकादशी पर जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना विधिपूर्वक की जाती है। साथ ही खास चीजों का दान भी करना चाहिए। इससे अन्न और धन के भंडार कभी खाली नहीं होते हैं। ऐसे में चलिए इस आर्टिकल में जानते हैं कि 20 जनवरी से लेकर 26 जनवरी तक मनाए जाने वाले व्रत-त्योहारों की डेट और शुभ मुहूर्त के बारे में।
मासिक कालाष्टमी 2025 डेट और शुभ मुहूर्त
हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर कालाष्टमी और मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार, माघ माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 21 जनवरी को दोपहर में 12 बजकर 39 मिनट से होगी। वहीं, तिथि का समापन अगले दिन यानी 22 जनवरी को दोपहर में 03 बजकर 18 मिनट पर होगा। ऐसे में 21 जनवरी को कालाष्टमी और मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाएगा।
षटतिला एकादशी 2025 डेट और शुभ मुहूर्त
हर महीने में कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर व्रत किया जाता है। इस व्रत को करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को षटतिला एकादशी के नाम से जाना जाता है।
इस तिथि की शुरुआत 24 जनवरी को शाम को 07 बजकर 25 मिनट पर हो रही है। वहीं, इस तिथि का समापन 25 जनवरी को रात 08 बजकर 31 मिनट पर होगी। सनातन धर्म में उदया तिथि का अधिक महत्व है। ऐसे में 25 जनवरी को षटतिला एकादशी मनाई जाएगी।
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 05 बजकर 26 मिनट से 06 बजकर 19 मिनट तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 21 मिनट से 03 बजकर 03 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 05 बजकर 52 मिनट से 06 बजकर 19 मिनट तक
एमपी विधानसभा के बजट सत्र में हाई अलर्ट,परिसर में अंगरक्षकों की एंट्री पर रोक
असम में ‘मिया’ मुसलमानों को लेकर क्यों तेज हुई सियासी मुहिम? विवादित वीडियो से बढ़ा राजनीतिक टकराव
जनसंपर्क अधिकारी पर दबाव का आरोप, रॉयल प्रेस क्लब पहुंचा थाने
वाराणसी कचहरी में बम धमकी से हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
कुक स्ट्रेट फतह करने वाले पहले एशियन पैरास्विमर बने सतेंद्र, 9 घंटे 22 मिनट में रचा इतिहास